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Seeta Mausi

Rs.225/-
Description :
" सीता (1996) और मौसी (1997) उपन्यास पहले अलग-अलग दो पुस्तकों के रूप में छपे थे। बाद में 2010 में इन दोनों उपन्यासों को एक ही जिल्द में प्रकाशित किया गया। त्याग और तपस्या की प्रतीक सीता जब रामायण के युग से निकलकर आज के संघर्षों में भूख से जूझती हुई जवान होती है, तो वह सर्वहारा-वर्ग के लिए आधुनिक रावणों से लड़ती है। आज की सीता जूझती है हर रिश्ते से, उम्र के हर मोड़ पर। सीता अब अपने से बाहर खड़ी सीताओं के लिए लड़ने लगी है। सीता अब एक कतार है, एक शृंखला है, एक पांत है, जो अब बोलने लगी है। छलने वाले सभी जाति, धर्म, सम्प्रदाय और संबंध के होते हैं। ‘मौसी’ उपन्यास बार-बार छली जाने वाले एक आदिवासी स्त्री के बेचैन कर देने वाले जीवन-संघर्ष का दस्तावेज़ है। इस उपन्यास की नायिका मौसी ऐसी ही एक आदिवासी स्त्री है जो छोटा नागपुर के जंगलों से कोयला खानों में काम की तलाश में भटकती स्त्रियों की प्रतिनिधि पात्र है अपने अस्तित्व के लिए संघर्षशील, जीने की हजार-हजार शर्तं जीने के लिए बार-बार मर्द बदलने की त्रासदी। इस उपन्यास में आदिवासियों के समाजशास्त्र के अनेक पहलू उजागर होते हैं। "
Format :
HB
ISBN No. :
81-903785-4-6

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