Aadiwasi Lok-I/आदिवासी लोक – १

Rs.350/-

Isbn: 81-87302-84-4

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 2006

"आदिवासी अस्मिता की पड़ताल करती है यह पुस्तक। आदिवासी-लोक खण्ड 1 पुस्तक में पूर्वोत्तर के मंगोल, इण्डो बर्मी या इण्डो तिब्बती आदिवासी समूहों बोड़ो, हजाङ, राभा, कार्बी आपातानी, कोक-बोरोक, मिजो व खासी, नीलगिरी के टोडा व कोटा, दक्षिण के बंजारे लाम्बाड़ी, बेड़ा, गोंड, राजगोंड, झारखण्ड के संताल, मुंडा, खडिया, हो, उराँव, राजस्थान और मध्य प्रदेश के भील, मीणा, डांग व सहरिया समूहों के लेखकों ने अपने उद्गम, जड़ों और बसाहटों की खोज कर अपनी अस्मिता को चिद्दित किया है। वे अपने-अपने समूहों व समाज की लोकतांत्रिक सामाजिक व्यवस्था, प्रताजीय पहचान, इतिहास, संस्कृति, जीवनशैली, न्याय-व्यवस्था व परंपरागत- स्वशासन, व्यवस्था से भी हमें परिचित कराते हैं और एक ऐसे समाज का झरोखा खोलती हैं, जिससे हम या तो अनजान थे या ऐतिहासिक व सामाजिक कारणों से हमने उस मूल्यवान धरोहर को उपेक्षित कर रखा था। आइए, इस पुस्तक के माध्यम से हम एक उदात्त हृदया, सहयोगी-प्रकृति समाज के मूल्यों व अस्मिता और जीवंतता के रूबरू होवें।"