Aadiwasi Shaurya Evam Vidroh-Jharkhand/आदिवासी शौर्य एवं विद्रोह – झारखण्ड

Rs.280/-

Isbn: 978-93-80631-55-4

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 2015

" भारतीय सभ्यता और संस्कृति में आदिवासियों को प्रायः नेपथ्य में रखा जाता रहा है। धीरे-धीरे उनके संघर्षों के मूल्यांकन का कार्य शुरू हुआ। यह एक तरह से असंख्य मनुष्यों के प्रति सभ्यता का आभार ज्ञापन भी है। रमणिका गुप्ता ने इस क्षेत्रा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रस्तुत पुस्तक ‘आदिवासी: शौर्य एवं विद्रोह (झारखंड)’ उनका इस सिलसिले में अद्यतन हस्तक्षेप है। झारखंड के आदिवासियों पर केंद्रित इस पुस्तक में अनेक भूले-बिसरे वृत्तांत समाहित हैं। अनेक लेखकों ने झारखंड के आदिवासियों का योगदान रेखांकित किया है। झारखंड के शौर्य और विद्रोह की यह गाथा बूढ़े-बुजुर्गों की स्मृतियों, उनके गीतों, बैलेड्स, लिजेंड्रियों, लोककथाओं व किंवदंतियों और अंग्रेजों द्वारा लिखे गए दस्तावेजों के ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। आज के संदर्भ में ऐसी पुस्तकों का महत्त्व इस कारण से भी बढ़ जाता है क्योंकि ‘जल-जंगल-जमीन’ को लेकर कई तरह के संघर्ष छिड़े हुए हैं। एक व्यापक सामाजिक न्याय की भूमिका बनाती यह सामग्री विस्मृतप्राय इतिहास का नया आख्यान है। "