Apne Ghar Ki Talash Me/अपने घर की तलाश में

Rs.125/-

Isbn: 81-89022-07-5

Writer: Nirmala Putul/निर्मला पुतुल

Year: 2004

" निर्मला पुतुल का युवा कवि-स्वर अपनी गहरी संवेदना, समाज-बोध और एक्टिविस्ट दृढ़ता के लिए अलग से सुना और पहचाना जा रहा है। निर्मला पुतुल की कविता में एक कडि़यल स्त्रीवादी स्वर सुनाई दे सकता है। लेकिन इसे कवि के समूचे काव्यलोक का एक गवाक्ष-भर मानना होगा। निर्मला पुतुल की कविताएँ, इसीलिए, स्त्री-चेतना-भर से बहुत आगे जाकर संताली नवजागरण के उन्मेष की भाँति कानों में बजती हैं। निर्मला पुतुल की कविता संताली, कविता के प्रांतर में वसंतागम की उद्घोषणा भी है और उसकी आँखें भी। "