Unki Jijivisha Unka Sanghrsh/उनकी जिजीविषा : उनका संघर्ष

Rs.150/-

Isbn: 81-903784-1-4

Writer: Hemlata Mahiswar/हेमलता महिस्वर

Year: 2006

" हिन्दी की कथा-लेखिका प्रायः मध्यम वर्ग से ही आती हैं। वे एक सीमित दायरे में ही घूमती रहती हैं। इस स्थिति में रमणिका गुप्ता के दो उपन्यास ‘सीता’ और ‘मौसी’ एक नई शुरुआत की तरह सामने आए हैं। रमणिका गुप्ता संभवतः हिन्दी की इकलौती कथा-लेखिका हैं, जिन्होंने झारखण्ड के उन इलाकों में जहाँ आदिवासी अपने जंगल-ज़मीन से विस्थापित होकर मजदूर बना दिए गए हैं, की त्रासदी को बेहद प्रमाणिक व मार्मिक अभिव्यक्ति दी है। इन दोनों उपन्यासों में उन्होंने अदम्य जिजीविषा और दुर्दुष संघर्ष का माद्दा रखने वाली ‘सीता’ और ‘मौसी’ सरीखी आदिवासी नायिकाओं की सृष्टि भी की है। प्रस्तुत पुस्तक में प्रतिष्ठित से लेकर नये लेखकों-आलोचकों ने अपने-अपने नज़रिये से इन उपन्यासों पर जो विवेच्य दृष्टि डाली है। अपने पाठ के लिए ये उपन्यास, जिस वैचारिकता की मांग करते हैं उनका दरवाज़ा इन्हीं समीक्षाओं के माध्यम से खुलता है। निश्चय ही यह पुस्तक इनके पाठ के प्रति गहरी उत्सुकता जगाने में सफल होगी। "