Dalit sahitya ka swaroop Vikas aur pravrittiyan/दलित साहित्य का स्वरुप विकास और प्रवृत्तियां

Rs.400/-

Isbn: 978-93-81611-39-5

Writer: Dr. Gudshekhar/डॉ गुणशेखर

Year: 2012

" डॉ. गुणशेखर की पुस्तक ‘दलित साहित्य का स्वरूप, विकास और प्रवृत्तियां’ एक अपवाद है, जो न केवल गहरी आलोचकीय दृष्टि से दलित साहित्य की अवधारणा पर विचार करती है बल्कि दलित साहित्य के खिलाफ जारी षड्यंत्रों और विरोधाभासों की भी पोल खोलती है। डाॅ. गुणशेखर की यह पुस्तक न केवल दलित साहित्य के मूल्यांकन की दिशा में एक प्रभावी हस्तक्षेप है बल्कि यह दलित विमर्शकारों को दलित साहित्य की विवेकपूर्ण समालोचना के लिए भी प्रेरित करेगी। "