Bhartiya Dalit Sahitya-Katha Kosh/भारतीय दलित साहित्य-कथा कोष

Rs.495/-

Isbn: 81-89537-62-8

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 2010

" दलित लेखन गणनात्मक और गुणात्मक दोनों स्तर पर तेज़ी से बढ़ रहा है। आज दलित कहानियां, बदलाव की मुहिम का हिस्सा भी बन रही हैं। दलितों के भीतर सबसे निचले डंडे पर बैठने को मजबूर भंगी जातियों से भी अनेक लेखक उभर कर आए हैं। ये कहानियां हिंदी के भाषा-कोष को भी समृद्ध करती हैं और नए मुहावरे, नए शब्द व एक नई सोच भी देती हैं। सृजन के स्तर पर, विशेषकर कहानियों में दलित कथाकार, दलित समाज में पनप रहे ब्राह्मणवाद, आभिजात्यवाद या अपनी कमजोरियों व विकृतियों पर भी कस के चोट कर रहा है। विषयों की विविधता के साथ-साथ डॉ. अम्बेडकर के सूत्रों और प्रतिज्ञाओं को मुखर करती ये कहानियां आशा है दलित दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए भारतीय समाज से एक संवाद शुरू करने में सक्षम होंगी। संवाद ही दलित मुहिम को सफल बना सकता है। हमें विश्वास है ये कहानियां "