Adivasi lekhan ek ubharti chetna/आदिवासी लेखन एक उभरती चेतना

Rs.250/-

Isbn: 978-81-7138-276-7

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 2013

"आदिवासी चेतना को समर्पित रमणिका गुप्ता का लेखन एवं शोध देश के बाहर भी पर्याप्त प्रशंसा पाता रहा है। इनकी नव्यतम पुस्तक ‘आदिवासी लेखन: एक उभरती चेतना’ उनके इसी लगाव का एक और प्रमाण है। रमणिका जी के अनुसार पूर्वोत्तर का स्वर और साहित्य सृजन तथाकथित भारतीय मुख्यधारा से भिन्न है। वह अपने मूल आदिम स्वर, जीवन-शैली और सोच को अक्षुण्ण रखते हुए ही ऐसा कर सके हैं। इस क्षेत्रा विशेष को पढ़ने के लिए जिस आत्मीय संलग्नता की जरूरत है, वह रमणिका जी में कूट-कूटकर भरी है। वह इस पुस्तक में आदिवासी चेतना का उभार, आदिवासी साहित्यकारों की चुनौतियां, जनजातीय, साहित्य का महत्व, दलित और आदिवासी साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन करने में सफल रही हैं। जहां वह इस पुस्तक में काव्यतमक कौमों के दस्तावेज: मिथक की परख करती हैं, वहीं आदिवासी चेतना की हिन्दी कलम को भी चीन्हती हैं। हिन्दी में अपनी तरह की यह एक अनूठी पुस्तक है।"