Drishya ek ghar hai/दृश्य एक घर है

Rs.125/-

Isbn: 978-81-89022-02-0

Writer: Rajkumar Kumbhaj/राजकुमार कुम्भज

Year: 2014

" राज कुमार कुम्भज हिंदी कविता का एक जाना-माना नाम है। कुम्भज का सरोकार या रिश्ता कई आंदोलनों और संघर्षों से रहा है। इसीलिए यह अकारज नहीं कि कवि अपनी कविताओं को परचम बनाते हैं। कुम्भज के यहां विषयों की भी भरमार है, जो कवि के रेन्ज का पता देते हैं। कुम्भज प्रतीकों में बात करने के इतने अभ्यस्त हो गए हैं कि उनकी अधिकांश कविताएं आपको प्रतीकों में मिलेंगी। प्रतीक एक ओर जहां ज्यादा चोट करते हैं, वहीं दूसरी ओर उससे कई-कई अर्थ भी निकलते हैं। इसीलिए हम कह सकते हैं कि ‘दृश्य एक घर है’ जैसे काव्य-संग्रह को सामने लाकर रमणिका फाउंडेशन ने एक सराहनीय कार्य किया है। "