Aakhri Dashak Ki Lambi Kavitayen-2/आखरी दशक की लम्बी कवितायेँ-२

Rs.250/-

Writer: Ramnika Gupta/Nageswar lal /रमणिका गुप्ता

Year: 1994

" अभी अपने देश में स्थिति शायद उस निर्णायक संघर्ष की है, जो परिवर्तन और प्रतिक्रिया की शक्तियों के बीच जारी है। आखिरी दशक की इन लंबी कविताओं मैं उस स्थिति के भरोसेमंद संदर्भ हैं। इनमें निराशा या आहत होने, जब-तब कुंठा भाव भी मिल सकते हैं पर शायद ही कोई कविता हो, जिसकी परिणति मानवीय भविष्य की आस्था मैं न होती हो। ये कविताएं विचारधारा के संकट का सामना करने में भी भरपूर समर्थ हैं । जगदीश चतुर्वेदी, प्रताप सहगल, गोपाल गुंजन, शिव शंकर मिश्र, मनोज मेहता, प्राणेश कुमार, शम्भू बादल, गिरिजा शंकर मोदी, सुरेश समीर, नरेन्द्र मोहन, रमणिका गुप्ता और सत्येन्द्र श्रीवास्तव जैसे कवियों की बहुआयामी सर्जनशीलता के कारण ‘आखिरी दशक की लंबी कविताएं’ के दोनों खण्डों का स्थान इधर के महत्वपूर्ण काव्य-संकलनों में सुरक्षित है। "