Kaise Kroge Batwara Itihas Ka/कैसे करोगे बटवारा इतिहास का

Rs.150/-

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1994

" इस संकलन में लगभग सभी कविताएं दो-एक को छोड़ कर 6 दिसंबर, 1996 को बाबरी मस्जिद ढाये जाने के बाद तत्काल लिखी गई हैं। ये साम्प्रदायिकता के विरुद्ध जिहाद छेड़ती कविताएं हैं, जो भारतीय इतिहास को साक्षी के रूप में खड़ा कर विघटनकारी शक्तियों के तर्क को निरस्त करती हैं और व्यवस्था के लुंज-पुंज तौर-तरीकों पर भी व्यंग्य करती हैं।"