Prakriti Yuddhrat Hai/प्रकृति युद्धरत है

Rs.60/-

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1988

" प्रकृति युद्धरत है कविता संग्रह, कवयित्री रमणिका गुप्ता - प्रथम संस्करण 1985, द्वितीय संस्करण प्र. वर्ष 1994। इस संकलन में रमणिका जी की कई प्रतिनिधि कविताएं हैं जो प्रकृति-प्रेम, राजनीति और भावना के साथ-साथ, जन-आंदोलनों से भी जुड़ी हैं। प्रकृति के सौंदर्य की सूक्ष्म पकड़ और मानव प्रवृत्ति के सम्बन्धों की नई व्यापक रूप से सामने आई है। कविताओं का आत्मीय भाव सहज ही पाठक को आकृष्ट करता है। "