Til Til Nutan/तिल - तिल नूतन

Rs.80/-

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1999

" रमणिका गुप्ता अपने जीने में और उसी तरह लिखने में संघर्ष को महत्त्व देती रही हैं। उनका संघर्ष भी बहुआयामी है, यद्यपि उसका मूल प्रेरणा-बिन्दु एक ही है और वह मनुष्य और मनुष्य के बीच हर तरह की बराबरी के संकल्प से जुड़ा हुआ है। इस काव्य-संकलन में एक नया झरोखा खुलने का संकेत मिलता है, जिससे सौंदर्य और उसकी संवेदना में व्यापक साझेदारी का अवसर मिले। रमणिका गुप्ता के बिम्ब स्थिर नहीं हैं। वे गति के क्रम में हैं और इस तरह उनमें गत्वर सौंदर्य का आकर्षण है। रमणिका गुप्ता में मानवीय संभावनाओं और सौंदर्य से उसके लगाव को स्वीकार करने का साहस है। वर्तमान स्थिति में जैसी कविता का प्रचलन है, उसे देखते हुए यह काव्य-संकलन अपने ढंग का अनूठा है। इसमें मुक्तिकामी मन के सौंदर्य के निश्छल साक्षात्कार के माध्यम से जीवंत एहसासों का सम्प्रेषण मिला है। स्वाभाविक है कि यह पुस्तक विशिष्ट उपलब्धि के रूप में ग्रहण की जाए। "