Tum Kaun/तुम कौन

Rs.70/-

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1999

" तुम कौन’ रमणिका जी की अन्य रचनाओं से कई मायनों में भिन्न हैं। रमणिका जी की ये कविताएं न तो सामाजिक परिवर्तन में हथियार की तरह इस्तेमाल होने वाली हैं और न ही यहां वर्ग या वर्ण-संघर्ष के लिए लेखन का बारुदी इस्तेमाल हुआ है, जैसा कि ये पिछले दो दशकों से दलित आदिवासी व स्त्री लेखन में करती आई हैं। कवयित्री की ये भावनावादी कविताएं समष्टि के साथ तदाकार का प्रयास हैं किन्तु विराट के साथ यह तदाकार रहस्यवादी अलौकिकता और चमत्कार से विलग विशुद्ध लौकिक धरातल पर एकात्मकता बोध से परिपूरित है। यहां सृष्टि के कण-कण के साथ सखी-सहेली सा जुड़ाव तो है किन्तु अज्ञात सत्ता के प्रति प्रणय-निवेदन या प्रतीक्षा की घडि़यां नहीं हैं। लम्बे जीवनानुभवों को समेटने वाले इस संग्रह की कविताओं में एक और उन्मुक्त प्रेम की कुलांचें हैं, तो अवस्थाबोध का यथार्थ भी है। ये मृत्युबोध जैसे भाव को दार्शनिकता या सूक्ष्म तत्वचिन्तन के पृष्ठपेषण में नहीं उलझाती हैं अपितु संयमित होकर सहज भाव से अवस्थाबोध को शब्दबद्ध करती हैं | "