DUSRI DUNIYA KA YATHARTH/दूसरी दुनियां का यथार्थ

Rs.400/-

Isbn: 978-93-81610-06-0

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1997/2012

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इस संग्रह में उनत्तीस कहानियां हैं। इनमें से कोई भी दो कहानियां अपने रचनात्मक व्यक्तित्व में बिरले कभी मिलती-जुलती मालूम पड़ती हैं। सभी कहानियां इस समय की भाषा में लिखी गई हैं। हर कहानी की भाषा कुछ-न-कुछ इस तरह विशिष्ट है कि उसकी पहचान अनूठी हो गई है। यह प्रकृति और परिणाम में अपने ढंग का ऐसा पहला संग्रह है, जिसे हिंदी में दलित कथा-लेखन की प्रभावशाली शुरुआत कहा जा सकता है। इस पुस्तक का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।


नागेश्वर लाल

इस कथा संकलन की कहानियों को वकालत और सहानुभूति की जरूरत नहीं है। यह कहानियां सदियों के संताप की कहानियां हैं। यह ‘पच्चासी चैका डेढ़ सौ को, पच्चीस चैका सौ’ बनाने वाली कहानियां हैं।


क़मलेश्वर "