Geet Ageet/गीत अगीत

Rs.200/-

Writer: Ramnika Gupta/रमणिका गुप्ता

Year: 1969

" अगस्त्य का कथन है ‘कविता जीवन का अनुकूलन है।’ वह जीवन की आलोचना व विवेक और कल्पना के मिश्रण से सत्य और आनन्द का विश्लेषण ही काव्य है। कविता का कार्य है शिक्षण देना, ‘कवि वह बुलबुल है, जो तमसाच्छन्न वातावरण में अपने ही एकान्त को मधुर-मधुर ध्वनियों से प्रफुल्लित करने के लिए गाता है।’ लेकिन रोबर्ट का कथन है कि उसके स्पर्श से शब्द चमक उठते हैं। अद्वितीय उन्माद में घूम-घूम कर भूतल से स्वर्ग और स्वर्ग से भूतल तक का सर्वेक्षण कर लेते हैं। रमणिका जी की कविताओं को मैंने जो ध्यान से पढ़ा, तो बेली के शब्दों में मैं इस परिणाम पर पहुंचा कि वे सचमुच कवि हैं, जो प्रेम के रूप में महान जीवन- तत्वों का अनुभव करते और उन्हें वाणी दे देते हैं। रमणिकाजी में अतःकरण की भावना को जागृत करने की अद्भुत सामर्थ्य है। हिन्दी की वरेण्य कवयित्री श्रीमती महादेवी वर्मा ने जिन भावनाओं की अभिव्यक्ति में रस नहीं लिया अथवा कहें कि जो दिशाएं उनसे छूट गई हैं, रमणिका जी ने उनको भी अपने चित्राण का स्वर दिया है, और अब भी मैं अपने इस अभिमत पर स्थिर हूँ "