Welcome to Ramnika Foundation


परिचय

संस्थापक के बारे में - परिचय

संप्रति

  • रमणिका फाउंडेशन की अध्यक्षा।
  • अखिल भारतीय साहित्यक मंच की को-आर्डिनेटर
  • ‘युद्धरत आम आदमी’ (त्रौमासिक हिन्दी पत्रिका) की सन् 1985 से संपादक।
  • चेयरमैन एन.सी.इ.ओ.ए. (सीटू से सम्बद्ध कोयला की यूनियन)
  • भारतीय श्रमिक संघ केंद्र (सीटू) की झारखंड की उपाध्यक्षा।
  • जनवादी लेखक संघ, झारखंड की संरक्षक।
  • अखिल भारतीय जनवादी लेखक संघ की राष्ट्रीय परिषद् की सदस्या।
  • संयोजिकाµलघु पत्रिका सम्मेलन, झारखंड।
  • सदस्याµराष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति लघु-पत्रिका सम्मेलन।
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), झारखंड की राज्य कमिटी की सदस्या।

विविध क्रिया-कलाप

  • रमणिका फाउंडेशन की संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय आदिवासी साहित्यक मंच की को-आर्डिनेटर।
  • बिहार राज्य विधान-परिषद् की पूर्व सदस्याµसत्रा 1970-71, 1974-79।
  • राज्य विधान-सभा की सदस्याµसत्रा 1979 से 1985 तक (अब उनका क्षेत्रा मांडू झारखंड में पड़ता है।)।
  • राष्ट्रीय स्तर पर कोल इंडिया वेलफेयर बोर्ड की सदस्या।
  • माइन्स, मिनरल एंड पीपल नामक गैर-सरकारी संस्था में माइन्स, मिनरल एंड वीमेन समिति की परामर्शदात्रा।
  • मजदूरों, विशेषकर खदान मजदूरों, जमीन-विस्थापितों, आदिवासियों, दलितों एवं महिलाओं के अधिकारों हेतु राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर संघर्षरत।
  • 1972 में राजा रामगढ़ की केदला-झारखंड खदानों के राष्ट्रीयकरण हेतु एक लंबी हड़ताल करवा कर, खदानें राष्ट्रीयकृत करवाने में सफलता हासिल की।
  • झारखण्ड के छोटा नागपुर के गांवों में पानी-व्यवस्था हेतु सफल आंदोलन।
  • झारखण्ड के छोटा नागपुर के आदिवासियों तथा मूल निवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों संबंधी आंदोलन का नेतृत्व।
  • कोयला खदानों एवं सी.सी.एल. के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास एवं रोजगार हेतु 1980 में आंदोलन तथा सर्वोच्च न्यायालय में उनके हितार्थ याचिका दायर कर महत्त्वपूर्ण स्थगनादेश प्राप्त करना, पुनर्वास एवं रोजगार हेतु 2000 लोगों के साथ डेढ़ माह के लिए जेल जाना।
  • मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्रा में सी.सी.एल. (अब एन.सी.एल.) में ठेकेदारी मजदूरों को नियमित एवं स्थाई करने के संघर्ष एवं विस्थापितों के पुनर्वास तथा रोजगार के आंदोलन के क्रम में छह माह तक भूमिगत रहना।
  • धनबाद तथा हजारीबाग में उच्च विद्यालय एवं बालवाड़ियों का निर्माण, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण व सिलाई केंद्र तथा ग्रामीण शिक्षा केंद्र जैसी कई लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर हुए महत्त्वपूर्ण मजदूर, किसान और महिला आंदोलन में भागीदारी।
  • सन् 1975 में मैक्सिको में हुए इफ्टू (आई.एफ.टी.यू.) के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन तथा बर्लिन में हुए प्रथम अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में मजदूर प्रतिनिधि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व।
  • सन् 1984 में रूस में शांति समिति शिष्टमंडल का नेतृत्व कर तथा ताशकंद, लेनिनग्राद, मास्को, कीव तथा काला सागर के निकटवर्ती शहर का दौरा।
  • भारत की ओर से सीटू के मजदूर प्रतिनिधि के रूप में सन् 1988, 1993 और 1994 में क्रमशः युगोस्लाविया, फिलिपांइस एवं क्यूबा का दौरा।
  • लंदन के साऊथ हॉल में हुए दूसरे विश्व दलित सम्मेलन 2000 में भारत का प्रतिनिधित्व।
  • विभिन्न यूरोपीय देशों जैसे नार्वे, स्वीडन, इंगलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, स्वीट्जरलैंड तथा इटली का दौरा। इसके साथ कनाडा तथा उत्तरी अमरीका के विभिन्न शहरों का भ्रमण एवं साहित्यिक दौरों का संचालन। एशियाई देशों जैसे थाईलैंड, हांगकांग तथा जापान का भी दौरा।
  • भारत के सभी महत्त्वपूर्ण दर्शनीय-स्थलों व नगरों का भ्रमण।

पुरस्कार/सम्मान

  • 14 सितम्बर, 2004 को संसदीय हिन्दी परिषद ने डॉ. सरोजनी महिषी द्वारा राष्ट्रभाषा हिन्दी के उत्थान और संवर्द्धन के लिये की गई अनवरत सेवार्थ राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान (2004-2005) संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित राष्ट्रभाषा समारोह में सहर्ष प्रदान किया।
  • दलित साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2002 में ‘दलित चेतना : साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार’ के लिए विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित
  • सन् 2001 में मानववादी रचना मंच, पंजाब द्वारा वर्ष 1999 का डॉ. अम्बेडकर चेतना पुरस्कार।
  • राष्ट्रीय दलित-साहित्य अकादेमी, उत्तर प्रदेश द्वारा वर्ष 1997 का पदमश्री गुलाब बाई सम्मान।
  • राष्ट्रीय अस्मितादर्श साहित्य अकादेमी, उज्जैन (मध्य प्रदेश) द्वारा वर्ष 1994 का महात्मा ज्योतिबा फुले विद्या वाचस्पति सम्मान।
  • राष्ट्रीय दलित साहित्य अकादेमी, दिल्ली द्वारा वर्ष 1996 का अम्बेडकर विशिष्ट सम्मान।
  • वर्ष 1995 में राष्ट्रीय दलित-साहित्य अकादेमी, दिल्ली द्वारा अम्बेडकर फैलोशिप।
  • अखिल भारतीय कला संस्कृति साहित्य परिषद्, मथुरा द्वारा साहित्य सरस्वती सम्मानोपाधि।

संपर्क

  • रमणिका फाउंडेशन
  • मुख्य कार्यालय : मेन रोड, हजारीबाग-825301 (झारखंड), भारत
  • दूरभाष : 06546-26542/27730
  • प्रशासनिक कार्यालय :
  • ए-221, डिफेंस कॉलोनी, नई दिल्ली-110024, भारत
  • दूरभाष : 011-24333356, 55657278, 31039505
  • ई-मेल : तंउदपां01/ीवजउंपसण्बवउ
नाम :
रमणिका गुप्ता
जन्म :
22 अपै्रल, 1930
जन्म स्थान :
सुनाम, पंजाब
शिक्षा :
एम.एम., बी.एड.
(क्रमशः पंजाब यूनिवर्सिटी, सोलन, सैंट्रल इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन, नई दिल्ली से)
कार्य क्षेत्रा :
बिहार/ झारखण्ड (बिहार/झारखण्ड की पूर्व विधायक एवं विधान परिषद् की पूर्व सदस्या)
 
व्यक्तिगत जानकारी
 
पिता का नाम :
दिवंगत (ले. कर्नल) डॉ. प्यारे लाल बेदी
माता का नाम :
दिवंगत लीलावती बेदी
पति का नाम :
दिवंगत वेद प्रकाश गुप्ता
उप मुख्य श्रमायुक्त, श्रम विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली तथा अधिवक्ता प्रशासनिक ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली
बेटे का नाम :
उमंग पावेल गुप्ता (अमरीका)
बेटियों के नाम :
शीबा सिब्बल (कनाडा)
तरंग नन्दा (अमरीका)
भाइयों के नाम :
दिवंगत सत्यव्रत बेदी
प्रसिद्ध पत्राकार एवं साम्यवादी नेता चांदव्रत बेदी
ले. कर्नल (सेवा निवृत्त) (चन्डीगढ़)
श्री रविव्रत बेदी
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ अखबार में प्रसिद्ध छाया-चित्राकार जिन्होंने श्रीमती इंदिरा गांधी एवं ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के कार्यक्रम को कवर किया था। (दिल्ली)

बहन का नाम :
श्रीमती उर्मिल चौधरी (करनाल)